मेरी यादों में , जेहन में , रचा -बसा है मेरा गाँव,
चंद्रावल पर, पीपल पीछे , सीधे रस्ते मेरा गाँव !!
गंगा बाबा , तिजिया दाई, खुल्ली काका , दीनदयाल
बाम्हन,ठाकुर, अहीर,गड़रिया, एक बराबर मेरा गाँव !!
आठ बरस परदेस रहे फिर वापस आये मुन्नीलाल,
दिल्ली, सूरत, नाशिक, बम्बई, सपने देखे मेरा गाँव !!
उजले मन और भोलेपन को क्या धोएगी गंगा मइय्या,
बिना टिकट के, महाकुम्भ को, निकल पड़ा है मेरा गाँव !!
ढोल-मँजीरा-कजरी बाजे, आल्हा गायें दे - दे ताल,
चौमासे में, चौपालों पर, इंडियन आइडल, मेरा गाँव !!
मॉनसून, ग्लोबल वार्मिंग, सोलर -सिस्टम ,सब विज्ञान,
पंडित जी, जो यज्ञ करें, तो, पानी पाए ,मेरा गाँव !!
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© सारथ व्यास , १६-११-२००८
Mohalla Live
11 years ago

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